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Showing posts from October, 2021

आर्यन ख़ान ड्रग्स केस: आर्थर रोड जेल को सबसे ख़तरनाक जेल क्यों कहा जाता है?

  शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान जिस जेल की चहारदीवारी में तीन हफ़्ते से अधिक बंद रहे वो आर्थर रोड जेल एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. ड्रग्स के मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने आर्यन को इसी महीने की शुरुआत में गिरफ़्तार किया था. उसके बाद से वे उन्हें उसी आर्थर रोड जेल में रखा गया, जहाँ कई कुख्यात गुंडे, शार्पशूटर्स, मकोका के तहत गिरफ़्तार अपराधी इत्यादि अपनी सज़ा काट रहे हैं. कई फ़िल्मस्टारों, अंडरवर्ल्ड डॉन, राजनेताओं, उद्योगपतियों, आईपीएस अधिकारी जैसे कई मशहूर लोग इस जेल की हवा खा चुके हैं. इन हाइप्रोफ़ाइल क़ैदियों की वजह से ही यह जेल ख़बरों में बनी रहती है. इसे देश के सबसे सुरक्षित जेलों में से एक माना जाता है. 26/11 हमले के दोषी अजमल आमिर कसाब का नाम भी इस जेल से जुड़ा है. आख़िर क्या है इस जेल की वो ख़ासियत जो इसे सबसे सुरक्षित जेलों में से एक बनाती है? कब बना था आर्थर रोड जेल 1842 से 1846 तक बॉम्बे (अब मुंबई) के गवर्नर रहे सर जॉर्ज आर्थर के नाम पर इस जेल का नाम रखा गया है. इसे ब्रिटिश शासन काल के दौरान 1925-26 में बनाया गया था. जब इसका निर्माण हुआ तो यह दो ...

इसराइल में फ़ेसबुक के नए नाम 'मेटा' का क्यों उड़ाया जा रहा है मज़ाक

  इसराइल में फ़ेसबुक के नए नाम मेटा का मज़ाक उड़ाया जा रहा है. फ़ेसबुक ने इसी हफ़्ते अपना नाम बदल कर मेटा किया है. इसराइल में मेटा का उच्चारण हिब्रू में 'मृत' के जैसा होता है. मेटा को हिब्रू में स्त्रीलिंग शब्द की तरह उच्चारित किया जाता है. कई लोगों ने इसे लेकर ट्विटर पर हैशटैग #FacebookDead के साथ अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं. एक टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट निरित वेइस ब्लैट ने ट्वीट किया, "हिब्रू में 'मेटा' मतलब 'मृत' होता है. यहूदी आने वाले सालों में इसका मज़ाक उड़ाएंगे." ज़करबर्ग ने क्या बताया था? फ़ेसबुक के मुताबिक नाम में बदलाव अलग-अलग प्लेफॉर्म्स, जैसे- फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप्प में नहीं होगा बल्कि ये इन सबके स्वामित्व वाली पेरेंट कंपनी के लिए है. यानी मेटा पेरेंट कंपनी है और फ़ेसबुक, व्हाट्सएप्प और इंस्टाग्राम इनके हिस्सा हैं. साथ ही कंपनी का ये भी कहना है कि वो सोशल मीडिया से आगे वर्चुअल रियलिटी में अपनी पहुंच बढ़ाएगी. फ़ेसबुक ने यह क़दम तब उठाया है, जब उसकी एक पूर्व कर्मी की ओर से दस्वावेज़ लीक करने के बाद नकारात्मक रिपोर्ट्स सिलसिलेवार ढंग से ...

अनीता आनंदः कनाडा के पीएम ट्रूडो ने मुश्किल दौर में भारतीय मूल की महिला को बनाया रक्षा मंत्री

  कनाडा में भारतीय मूल की अनीता आनंद को प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने रक्षा मंत्री बनाया गया है. उन्हें ये पद ऐसे समय में सौंपा गया है जब कनाडा की सशस्त्र सेना यौन दुराचार के मामलों से जूझ रही है. इससे पहले हरजीत सज्जन देश के रक्षा मंत्री थे, जो स्वयं एक फौजी रह चुके हैं. मगर संसद के पिछले सत्र में कनाडा में विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने हरजीत सज्जन के इस्तीफ़े की मांग की थी और आरोप लगाया था कि सरकार सेना में अनुचित व्यवहार की शिकायतों पर कदम नहीं उठा रही है. साथ ही उन्होंने इस मामले में सेना के उच्च अधिकारियों के शामिल होने का भी आरोप लगाया था. देश के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने मंगलवार को कैबिनेट में हुए फेरबदल के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ''हम जानते हैं कि हमारी कनाडाई आर्म्ड फोर्सेज़ की संस्कृति के सामने संकट है.'' आर्म्ड फोर्सेज़ में ऐसे मामले सामने आने के बाद महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाले समूहों और जनता का भी मानना था कि सरकार सेना में ऐसे मामलों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में कमज़ोर रही है और एक महिला को रक्षा मंत्री बनाने की मांग भी उठ रही थी. कन...