भारत का सबसे ऊंचा कचरे का पहाड़, इर्द-गिर्द सिमटी ज़िंदगियां और मुश्किलें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर महीने की शुरुआत में वादा किया था कि भारत के शहरों में बने कूड़े के पहाड़ों को जल्द ही अपशिष्ट उपचार संयंत्रों में बदल दिया जाएगा.
लेखिका सौम्या रॉय ने देश के सबसे पुराने और करीब 18 मंजिला ऊंचे कचरे के पहाड़ का दौरा किया. कचरे का ये पहाड़ महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में है.
हर सुबह फरहा शेख कूड़े के ट्रकों के लिए मुंबई में एक दशक से भी ज़्यादा पुराने कचरे के पहाड़ पर खड़ी होती हैं.
19 साल की फरहा कूड़ा बीनने का काम करती हैं. बचपन से ही वो तब से वो देवनार इलाक़े में इस कचरे के ढेर से कूड़ा उठाने का काम कर रही हैं.
इस गंदे और चिपचिपे कचरे से वो बोतलें, गिलास और तार निकालती हैं ताकि उन्हें कचरा बाज़ार में बेच सकें. लेकिन, इस कचरे में उन्हें सबसे ज़्यादा तलाश टूटे हुई मोबाइल की होती है.
हर कुछ हफ़्तों में फराह को कचरे के ढेर से एक खराब मोबाइल मिल जाता है. वो अपनी छोटी-सी बचत में कुछ पैसे खर्च कर फोन ठीक करा लेती हैं. उस मोबाइल पर फराह शाम को फिल्में देखती हैं, वीडियो गेम खेलती हैं, दोस्तों को मैसेज भेजती हैं और कॉल करती हैं.
फिर जब कुछ दिनों या हफ़्तों बाद फोन दोबारा खराब हो जाता है तो फरहा का बाहरी दुनिया से संपर्क फिर से टूट जाता है.
वो दोबारा दिनभर काम पर निकल जाती हैं, बेचने के लिए शहर का कचरा इकट्ठा करती हैं और मोबाइल फोन की तलाश करती हैं.
एक करोड़ 60 लाख टन से ज़्यादा कचरा
देवनार के कचरे के पहाड़ों में एक करोड़ 60 लाख टन से ज़्यादा कचरा इकट्ठा है. इनमें से आठ पहाड़ 300 एकड़ इलाक़े में फैले हुए हैं जिन्हें भारत के सबसे बड़े और सबसे पुराने कचरे के पहाड़ कहा जाता है.
कचरे की ऊंचाई 120 फुट ऊंची है. इन पहाड़ों के किनारों से समुद्र लगता है और इस कचरे के ढेर पर ही सैकड़ों झुग्गियां बनी हुई हैं.
यहां सड़ रहे कचरे से मीथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसें निकलती हैं.
साल 2016 में यहां आग लग गई थी, ये कचरा महीनों तक जलता रहा और इसका धुंआ मुंबई के अधिकतर हिस्से में फैल गया.
साल 2011 में आए भारत के प्रदूषण नियामक के एक अध्ययन के मुताबिक कचरे की आग का पार्टिकुलेट मैटर में 11 प्रतिशत हिस्सा था जो शहर में वायु प्रदूषण का बड़ा कारण रहा.
दिल्ली के एक थिंक टैंक सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरंमेंट (सीएसई) के साल 2020 के अध्ययन में पाया गया कि भारत में ऐसे 3,159 पहाड़ों में 80 करोड़ टन कचरा मौजूदा है
https://www.serenityhouse.com/
https://seomotionz.com/member.
https://mastodon.bida.im/@
https://mastodon.bida.im/@
https://www.dfwmas.org/
https://forum.foex.at/user/
https://forum.foex.at/
https://www.pocketfives.com/
https://gitlab.freedesktop.
https://www.icarry.org/
https://www.sailormoonforum.
https://www.sailormoonforum.
https://www.sailormoonforum.
https://heilclub.tribe.so/
https://heilclub.tribe.so/
https://www.stories.
https://discuss.ultralig.ht/u/
https://discuss.ultralig.ht/d/
https://www.forgebox.io/@
https://gitlab.exherbo.org/
https://hackaday.io/Perfecine
https://elumine.wisdmlabs.com/
https://elumine.wisdmlabs.com/
https://www.turbobuick.com/
https://www.turbobuick.com/
https://villatheme.com/
https://freead1.net/ad/
https://
http://
Comments
Post a Comment